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Continue reading →: अतिवृष्टि, भूकंप…पिछला सप्ताह विचित्र बीता। चार दिन भयंकर आंधी, पानी ने सब कुछ अस्तव्यस्त कर दिया था। बरसात से पेड़ गिरने के कारण टाउनशिप के कई घर घंटों बिना बिजली के थे। न्यूनतम तापमान अब भी लगभग हिमांक के आसपास है सो बिना बिजली जनजीवन अस्तव्यस्त हो जाता है। ऐसे में…
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लोहे का घर का एक दिन: (न्युयॉर्कर बिहारी)
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Continue reading →: लोहे का घर का एक दिन: (न्युयॉर्कर बिहारी)आज लोहे के घर में मेरे सामने की सीट पर दो भारतीय बैठे हैं, उनमें से एक यहीं बसा हुआ है और दूसरा अभी कुछ समय पहले ही आया है। अजय भैया लिखे थे कि हमारी पीढ़ी वाला आदमी कहीं भी रहे, उसके दिल दिमाग का एक हिस्सा जहाँ रह…
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Continue reading →: क्या स्वामी नारायण मंदिर, हिंदू मंदिर हैं?
यह एक अजीब प्रश्न है, क्योंकि देश के बाहर हिन्दू धर्म के सबसे बड़े ध्वजवाहक स्वामी नारायण संप्रदाय के बड़े बड़े मंदिर हिन्दूधर्म के सहिष्णु, सर्वसमावेशी होने के हस्ताक्षर के समान हैं। सनातन हिन्दू धर्म में सदैव अनेक मत और सम्प्रदाय रहे हैं और ऋग्वेद के प्रथम मण्डल के 164वें…
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Continue reading →: रामनाम की गूंज है…
जय जय श्री सीता राम। आज चहुँओर राम नाम की गूंज है। अयोध्या विश्व की सांस्कृतिक राजधानी सी प्रतीत हो रही है। हमारे जीवनकाल का सबसे बड़ा दिन कल बाईस जनवरी ही होगा। हर तरफ़ उमंग, उल्लास और प्रसन्नता है। प्रसन्नता कभी भी मौन नहीं होती, प्रसन्नता मानव कई भावों…
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Continue reading →: मेंटल हेल्थ!
वर्ष 2023 के अंतिम “मन की बात” कार्यक्रम में प्रधानमंत्रीजी मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बोले। बीच में सद्गुरू महाराज भी आए और उन्होंने इस स्थिति के निवारण हेतु यौगिक साइंस की बात भी की। प्रधानमंत्रीजी ने ऐसे विषय को छुआ जिस पर आम तौर पर भारतीय समाज में कोई…
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Continue reading →: आओ भई 2024!
2023 वर्ष भी समाप्त हुआ, और आ गए हैं 2024। यह साल घर, समाज, देश, विदेश सभी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाला है। यह वर्ष अमेरिका में क्रिकेट के विश्व कप से लेकर चौसठ देशों के राष्ट्रीय चुनाव तक, बहुत घटनाओं का साक्षी रहने वाला है। कुल मिलाकर इतना…
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Continue reading →: दैनिक जीवन…
भक्त जनों को देव बाबा का सादर प्रणाम। आज बात करते हैं दैनिक जीवन में सामान्य साधारण बातों की। आजकल की यान्त्रिक दिनचर्या में बहुत कुछ छूट गया है। लोग अपने दैनिक जीवन में रोज़ स्नान, ध्यान, संध्या, भजन, योग सब कुछ भूल रहे हैं। इतनी गर्मी में भी दो…
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Continue reading →: बैंक बवाल क्यों बन जाते हैं?
आजकल बैंकों ने दुर्गंध मचाई हुई है। चारों तरफ़ स्टॉक मार्केट की उथल पुथल है, बड़े बड़े बैंक अस्थिर हैं और दुनिया को ज्ञान देने वाला अमेरिका अनेक समस्याओं से जूझ रहा है। यह सब कुछ आसानी से सम्भाला जा सकता था लेकिन कभी कभी सच में लगता है कि…
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Continue reading →: तृषार की पुस्तक!यह लड़का थोड़ा सा अलग है, अलग इसलिए कहे क्योंकि बहुत दिन बाद इसका लिखा हुआ बहुत अच्छा लगा। हर लेखक का प्रयास रहता है कि वह अपनी शैली बनाए, और जो सच में अपनी ख़ुद की शैली बना पाते हैं वह बहुत सफल होते हैं। ऐसे में तृषार की…
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Continue reading →: पुस्तक समीक्षा “बोलो गंगापुत्र”
बचपन में सुने थे कि घर में महाभारत रखने से परिवार में कलह हो जाता है। सो हमारे घर में श्रीमद्भागवत, गीता, रामायण, सब थे लेकिन महाभारत कभी नहीं लाया गया। मुझे लगता है कि जिस प्रकार गोस्वामी तुलसीदासजी ने रामायण को सरल जनमानस की भाषा अवधी भाषा में लिखकर…
